मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना

क्या है यह योजना?

  • यह योजना महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाई जाती है।
  • इसका उद्देश्य अनाथ बच्चों, परित्यक्त बच्चों या ऐसे बच्चों को आर्थिक सहायता देना है जो देखभाल के योग्य हैं, ताकि उनका पालन-पोषण, शिक्षा और भविष्य सुरक्षित हो सके।

पात्रता (Eligibility):

  • बच्चे की उम्र 18 वर्ष से कम हो।
  • वे बच्चे जिनके माता-पिता नहीं हैं (अनाथ) या परित्यक्त हो गए हों।
  • इसके अलावा ‘आफ्टर केयर’ श्रेणी में वे बच्चे आ सकते हैं जो बाल देखभाल संस्थाओं (child care institutions) में रह चुके हों।
  • मध्य प्रदेश (MP) के स्थानीय निवासी होना ज़रूरी है, क्योंकि यह योजना MP सरकार द्वारा चलाई जाती है।

लाभ (Benefits):

  • स्पॉन्सरशिप (Sponsorship): 18 वर्ष से कम उम्र के अनाथ/परित्यक्त बच्चों को हर महीने ₹4,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है।
  • यह राशि बच्चे और उसके संरक्षक (guardian) के संयुक्त बैंक खाते में जमा की जाती है।

आफ्टर-केयर (After Care) सहायता:

  • यदि कोई बच्चा 18 वर्ष की आयु पार कर चुका है और बाल देखभाल संस्था छोड़ चुका है, तो उसे व्यावसायिक प्रशिक्षण (जैसे ITI, पॉलिटेक्निक, नर्सिंग, होटल मैनेजमेंट, आदि) के दौरान आर्थिक सहायता मिलती है — लगभग ₹5,000 प्रति माह
  • उच्च शिक्षा (जैसे NEET, JEE, CLAT आदि) में प्रवेश करने वाले बच्चों को ₹5,000-₹8,000 प्रति माह तक की मदद मिल सकती है, और उनकी फीस भी नियामक आयोग द्वारा निर्धारित सीमा के अनुसार राज्य सरकार वहन करती है।
  • “केयर लीवर्स” (care leavers) जिन्हें अभी भी सहायता की ज़रूरत है, उनके लिए भी राज्य स्तर की कमेटी बनाकर सहायता दी जाती है। Drishti IAS
  • स्वास्थ्य-सहायता: योजना में यह भी प्रावधान है कि बच्चों को आयुष्मान कार्ड दिलाया जाए ताकि वे स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले सकें।
  • बच्चों के पुनर्वास (rehabilitation) में मदद करना।
  • उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करना ताकि पढ़ाई जारी रख सकें और भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें।
  • समाज में उनकी भागीदारी बढ़ाना और उन्हें एक सुरक्षित पारिवारिक वातावरण देना।
  1. कैसे आवेदन करें:
    • आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह हो सकते हैं।
    • आवेदन फॉर्म Bal Ashirwad पोर्टल पर उपलब्ध है: पोर्टल URL “Click Here” है — यहीं से आवेदन किया जा सकता है|
    • आपको कुछ दस्तावेज़ तैयार करने होंगे जैसे:
      • बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र
      • माता-पिता की मृत्यु का प्रमाण (यदि अनाथ हो)
      • पते का प्रमाण
      • बैंक अकाउंट डिटेल्स (संयुक्त खाता)
      • पहचान पत्र (जैसे आधार) आदि।
      • आवेदन करने के लिए जिला स्तर पर बाल संरक्षण इकाई (District Child Protection Unit) या “District Program Officer” (डिपार्टमेंट ऑफ वुमन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट) से संपर्क करें।
  2. महत्वपूर्ण पॉइंट्स:
    • यह योजना उन बच्चों को दी जाती है जिनका पारिवारिक समर्थन कम हो या वह असुरक्षित स्थिति में हों।
    • राज्य सरकार इस योजना को लगातार मॉनिटर करती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि धनराशि सही लाभार्थियों तक पहुंच रही है।
    • इस सहायता का मुख्य लक्ष्य बच्चों को न सिर्फ जीवित रहना है, बल्कि उन्हें शिक्षा, प्रशिक्षण और समाज में बेहतर भविष्य बनाना है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top